Description
मोती शंख एक बहुत ही दुर्लभ प्रजाति का शंख माना जाता है। तंत्र शास्त्र के अनुसार यह शंख बहुत ही चमत्कारी होता है। दिखने में बहुत ही सुंदर होता है। मोती जैसी चमकीली आभा के कारण इसे मोती शंख कहते हैं।
जिस प्रकार पूजन शंख को विष्णु और दक्षिणावर्ती शंख को लक्ष्मी स्वरुप माना जाता है। उसी प्रकार मोती शंख को सौभाग्य लक्ष्मी का प्रतीक माना जाता है।
– गृह कलह नाश और घर में सकारात्मक ऊर्जा बढ़ाने के लिए इसे एक ताम्बे के पात्र में जल भरकर उसके बीचों बीच घर के ईशान कोण या ब्रह्मस्थल में स्थापित करे।
– यदि गुरु पुष्य योग में मोती शंख को कारखाने में स्थापित किया जाए तो कारखाने में तेजी से आर्थिक उन्नति होती है।
– मोती शंख में जल भरकर लक्ष्मी के चित्र के साथ रखा जाए तो लक्ष्मी प्रसन्न होती है।
– किसी शुभ नक्षत्र या दीपावली में मोती शंख को घर में स्थापित कर रोज
श्री महालक्ष्मै नम:
108 बार बोलकर 1-1 चावल का दाना शंख में भरते रहें। इस प्रकार 11 दिन तक करें। बाद में शंख और चावल एक लाल कपड़े की पोटली बनाकर तिजोरी या रूपये गहने आदि रखने के स्थान पर रख दें। यह प्रयोग करने से आर्थिक तंगी समाप्त हो जाती है।


















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